केदारनाथ में कंकालों का सर्च अभियान

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चमोली/ केदारनाथ । केदारनाथ आपदा में अपनों को खो चूके ऐसे हज़ारो आज भी उनके आने का इंतज़ार कर रहे है लेकिन वो कभी लोट कर नहीं आएंगे शायद कुदरत को यही मंजूर था उनके वापिस आने का दर्ज़ ऐसे हज़ारो परिवारों में आज भी देखा जा सकता है जिनके अपने केदारनाथ आपदा को जाने के बाद वापिस नहीं आ सके उत्तराखंड में 2013 की आपदा जून 16 या 17 को तबाही का वो मंजर लेकर आई थी जिसको याद करते हुए आज भी तस्वीरें रोंगटे खड़े कर देती है।

एक बार फिर से 4 दिनों के लिए सर्च ऑपरेशन अभियान को चलाया जा रहा है एसपी रुद्रप्रयाग नवनीत भुल्लर दस टीमों इस पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे हैं एसपी ने बताया कि सर्च ऑपरेशन अभियान 4 दिनों तक चलाया जाएगा और इसमें कई ट्रकों पर 2013 की आपदा में खो चुके शवों को खो जाएगा इनका डीएनए टेस्ट सुरक्षित रखने के बाद इनका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा

केदारनाथ में कंकालों का सर्च अभियान

उत्तराखंड में 2013 की यात्रा के दौरान हजारों लोगों की मौत हो चुकी थी जिसमें कई लोग आज भी घरों से गायब है ना तो उनके शव मिले और ना ही उनको उनके अपने वापिस मिल सके हर साल आपदा की याद में उनको तो याद किया जाता है जो इस आपदा में मर गए लेकिन उनका क्या जो आज तक अपने अंतिम संस्कार के लिए तड़प रहे है।

उत्तराखंड में इनको खोजें के लिए 4 दिन का सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है एसपी के नेतृत्व में टीमों द्वारा केदारनाथ-वासुकीताल,केदारनाथ-चोराबाड़ी, त्रियुगीनारायण-गरूड़चट्टी-केदारनाथ, कालीमठ-चौमासी-खाम-केदारनाथ, जंगलचट्टी व रामाबाड़ा का ऊपरी क्षेत्र केदारनाथ बेस कैंप का ऊपरी क्षेत्र समेत मंदिर के आसपास के क्षेत्र, भैरवनाथ मंदिर व आसपास का क्षेत्र, गौरीकुंड-गोऊंमुखड़ा, गौरीकुंड से मुनकटिया का ऊपरी क्षेत्र होते हुए सोनप्रयाग पर सर्च अभियान चलाते हुए नर कंकालों की खोजबीन शुरू हो गयी है।


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