Navratri 2020 ब्रह्मचारिणी माँ पूजा का दूसरे दिन का महत्व

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Navratri 2020 ब्रह्मचारिणी माँ पूजा का दूसरे दिन का महत्व:नवरात्री का पर्व आरम्भ हो गया है मंदिरो में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए माता के नवरात्री को मनाये जाने के लिए भक्तो की भीड़ उमड़ रही है मंदिरो में दर्शनों के लिए सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है कोरोना काल में पहली बार मंदिरो में नवरात्री में भक्तो के बीच पहला अवसर है जब दर्शनों के लिए पहले जैसा उत्साह नज़र नहीं आता।

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Navratri 2020 ब्रह्मचारिणी माँ पूजा का दूसरे दिन का महत्व

Navratri 2020 ब्रह्मचारिणी माँ पूजा का दूसरे दिन का महत्व

नवरात्री के दूसरे दिन रविवार को माँ ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ- ब्रह्म मतलब तपस्या और चारिणी का अर्थ आचरण करने वाली देवी होता है। मां ब्रह्मचारिणी के हाथों में अक्ष माला और कमंडल सुसज्जित हैं। अगर मां का सच्चे मन से पूजन किया जाए तो व्यक्ति को ज्ञान सदाचार लगन, एकाग्रता और संयम रखने की शक्ति प्राप्त होती है।

माँ ब्रह्मचारिणी का नवरात्री पर दूसरे दिन इस विधि विधान से पूजा अर्चना किये जाने से माँ खुश होती है उनके इस रूप को अलौकिक माना गया है कहा जाता है भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए उन्होंने कई वर्षो तक तपस्या किये जाने का फैसला ऋषि नारद जी कहने का किया था उनकी तपस्या से ऋषि मुनि से लेकर भगवान भी काफी प्रभावित हुए थे कथा का सार यह है कि व्यक्ति के जीवन में कितनी भी परेशानियां क्यों न आए उसका मन विचलित नहीं होना चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से सर्व सिद्धि प्राप्त होती है।

फूल, अक्षत, रोली, चंदन आदि अर्पित करें। मां को दूध, दही, घृत, मधु व शर्करा से स्नान कराएं। मां को भोग लगाएं। उन्हें पिस्ते की मिठाई का भोग लगाएं। फिर उन्हें पान, सुपारी, लौंग अर्पित करें। मां के मंत्रों का जाप करें और आरती करें। सच्चे मन से मां की पूजा करने पर वो व्यक्ति को संयम रखने की शक्ति प्राप्त करती हैं।


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