सेवा के अधिकार से जुड़ेगी बिना अधिसूचित सेवाएं

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सेवा के अधिकार से जुड़ेगी बिना अधिसूचित सेवाएं मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जो सेवाएं अभी अधिसूचित नहीं हैं, उन सेवाओं को भी सेवा के अधिकार अधिनियम में शामिल किया जाय। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यदि किसी प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज में जो आपत्तियां हैं, उनका उल्लेख एक बार में ही हो जाय।

जिससे जनता के समय की बचत भी होगी और अनावश्यक परेशानी भी न हो। नोटिफाईड सेवाओं को ऑनलाईन करने के लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित किया जाय। अधिक उपयोग में आने वाली सेवाओं को ऑनलाईन करने के लिए पहले प्राथमिकता दी जाये।

सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत सेवाओं को समय पर डिलीवर न करने वाले विभागों और अधिकारियों को चिन्हित किया जाय। सेवा के अधिकार कार्यालय में मोनेटरिंग डैशबोर्ड बनाया जाय। कोविड-19 के दृष्टिगत अधिक से अधिक नागरिक सेवाएं ऑनलाईन माध्यम से उपलब्ध कराई जाय।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त श्री एस. रामास्वामी, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, सचिव आईटी आर.के सुधांशु, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, सचिव, उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग पंकज नैथानी, एनआईसी के एसआईओ श्री के नारायण एनआईसी के वैज्ञानिक राजीव लखेड़ा आदि उपस्थित थे।


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