Diploma Engineering Mahasangh uttarakhand

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Diploma Engineering Mahasangh Uttarakhand : डिप्लोमा इंजीनियर्स की मागो का मामला कैबिनेट की झंडी इंतज़ार में


देहरादून डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की समस्याओं के समाधान हेतु मा0 मंत्री, संसदीय कार्य, वित्त, पेयजल एवं स्वच्छता, उत्तराखण्ड सरकार प्रकाश पन्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। इसी के क्रम में मा0 मंत्री जी ने अपने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में शासन के उच्चाधिकारियों एवं डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा 8 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें मुख्यतः सेवा नियमावलियों में आवश्यक संशोधन, वाहन भत्ता, वाहन अनुरक्षण भत्ता, सुनिश्चित प्रोन्नति, कर्मचारियों की सुरक्षा तथा स्थानांतरण एक्ट के सम्बन्ध में मांग प्रस्तुत की गई।

इस सम्बन्ध में मंत्री जी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्बन्धित विभाग सेवा नियमावलियों की विसंगतियों को दूर करके नियमावली यथाशीघ्र मंत्रि-परिषद् के विचारार्थ प्रेषित करें। महासंघ द्वारा प्रस्तुत वाहन भत्ता, वाहन अनुरक्षण भत्ता प्रदान कराये जाने की मांग का परीक्षण कराने तथा एश्योर्ड कैरियर प्रमोशन (ए0सी0पी0) समय से प्रदान कराने तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पदोन्नति न होने के कारणों के सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। अभियंताओं को सुरक्षा प्रदान किये जाने के विषय पर मा0 मंत्री जी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर घटनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये तथा अवगत कराया कि गृह विभाग के माध्यम से सकुर्लर जारी कराया जायेगा, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानांतरण से सम्बन्धित समस्या के सम्बन्ध में निर्देश दिये गये कि मार्च 2018 के बाद स्थानांतरण की एक पारदर्शी व्यवस्था लागू की जायेगी, जिसमें टैªक रिकाॅर्ड, पूर्व तैनातीस्थलों आदि को ध्यान में रखते हुये कार्मिकों का डाटा एकत्रित कर पारदर्शी तरीके से स्थानांतरण व्यवस्था लागू की जायेगी। इसके अतिरिक्त तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इण्टरमीडिएट किये जाने विषयक मांग पर निर्णय लिया गया कि तकनीकी शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित कर अग्रेत्तर कार्यवाही करायी जायेगी।

महासंघ के उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा समिति पर भरोसा जताया गया है तथा वार्ता सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। मा0 मंत्री जी द्वारा यह भी अवगत कराया कि इस प्रकार की बैठकें नियमित रूप से सम्पन्न करायी जायेंगी, ताकि किसी प्रकार की समस्या पैदा न हो व कार्मिकों को हड़ताल पर जाने की नौबत न आये।
उक्त बैठक में प्रमुख सचिव, सिंचाई श्री आनन्दबर्द्धन, अपर सचिव लोक निर्माण प्रदीप रावत, अपर सचिव, वित्त अरूणेन्द्र चैहान, अपर सचिव, सिंचाई देवेन्द्र पालीवाल, अपर सचिव, कार्मिक सुनीलश्री पांथरी, लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्षों एवं डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


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