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harak singh rawat damyanti rawat posting illegal says arvind panday :हरक सिंह रावत की बेकरारी,अरविन्द पांडेय बने दीवार


देहरादून उत्तराखंड सरकारों में विवादित रहने वाले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर एक नया विवाद राजनैतिक गलियारों से लेकर सरकार में बीजेपी के लिए सर दर्द बनता हुआ नज़र आ रहा है नियम कानून को ठेंगा दिखा शिक्षा विभाग से परमिशन लिए बिना श्रम मंत्री हरक सिंह रावत की करीबी शिक्षा अधिकारी दमयंती रावत को भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपर कार्याधिकारी (एईओ) के रूप में प्रतिनियुक्ति किये जाने के मामले को लेकर कैबिनेट शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडेय ने गलत करार देकर कारवाही किये जाने और मामले की जांच के आदेश दिए है।

हरक सिंह रावत का विवादों से हमेशा नाता रहा है कांग्रेस की सरकार के समय दमयंती रावत को 20 मई, 2016 को उत्तराखंड बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण अभिकरण के निदेशक पद पर प्रतिनियुक्ति खत्म करते हुए उन्हें मूल विभाग को वापस किया गया था लेकिन उस मामले पर आज तक कोई कारवाही अंजाम नहीं दी गयी है उस समय भी उत्तराखंड में विवाद सामने आया था बीजेपी सरकार के लिए हरक सिंह रावत द्वारा नियम कानून को ताक पर रख कर की जा रही तैनाती को लेकर राजनैतिक विरोध का सामना त्रिवेंद्र रावत सरकार के लिए एक नयी मुसीबत के रूप में सामने आ गया है।

उत्तराखंड की राजनैतिक हवा में हरक सिंह रावत की दमयंती रावत की होने वाली नयी तैनाती को लेकर जहां बेकरारी परवान नहीं चढ़ सकी है वही कैबिनेट मंत्री अरविन्द पांडेय नियम कानून को ताक पर रखे जाने पर दीवार बन कर सामने खड़े हो गए है उन्होंने मामले की जांच किये जाने के साथ साथ शिक्षा विभाग में दूसरे मामलो को लेकर भी कारवाही किये जाने की बात कही है।

शिक्षा महकमे ने दमयंती को प्रतिनियुक्ति के लिए अनापत्ति देने से साफ मना कर दिया है शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे के निर्देश पर शिक्षा सचिव डॉ भूपिंदर कौर औलख ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। वहीं इस घटनाक्रम से एक बार फिर त्रिवेंद्र रावत मंत्रिमंडल में मंत्रियों के बीच तनातनी बढ़ गई है। वहीं अब तक प्रतिनियुक्ति को लेकर अपने मूल महकमे शिक्षा को अंगूठा दिखाती रहीं दमयंती के मामले में शिक्षा महकमे ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश में चर्चित शिक्षा अधिकारी दमयंती रावत का प्रकरण इस बार भाजपा सरकार के गले की फांस बन गया है।

शिक्षा महकमे में अनधिकृत अनुपस्थिति को लेकर दमयंती को बीती 17 फरवरी को आरोप पत्र दिया जा चुका है। इस आरोप पत्र पर रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से उक्त मामला अनिर्णीत है। इस बीच शिक्षा महकमे से पहले अनापत्ति लिए बगैर ही श्रम महकमे के तहत कार्यरत भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से दमयंती रावत को अपर कार्याधिकारी के तौर पर प्रतिनियुक्ति के लिए फाइल बढ़ा दी गई। बोर्ड ने बीती 15 दिसंबर को शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजकर खंड शिक्षा अधिकारी दमयंती रावत को उक्त प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया था।

मंगलवार को सचिवालय में मौजूद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दूरभाष पर शिक्षा सचिव डॉ भूपिंदर कौर औलख को महकमे में कायदे-कानून को ताक पर रखकर दमयंती रावत के प्रतिनियुक्ति पर जाने के मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश मिलते ही महकमा हरकत में आ गया। शिक्षा सचिव ने दमयंती रावत को प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए विभागीय अनापत्ति देने से इन्कार करते हुए आदेश जारी किए।

शासनादेश में कहा गया कि 20 मई, 2016 को दमयंती रावत की उत्तराखंड बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण अभिकरण के निदेशक पद पर प्रतिनियुक्ति खत्म करते हुए उन्हें मूल विभाग को वापस किया गया, लेकिन उक्त अधिकारी एक वर्ष दो माह की अवधि तक वापस नहीं लौटीं। उन्होंने 10 जुलाई, 2017 को कार्यभार ग्रहण किया। उनकी अनधिकृत गैर हाजिरी को लेकर महकमे की ओर से उन्हें आरोप पत्र दिया जा चुका है। इस मामले में शासन स्तर पर फैसला नहीं होने के आधार पर दमयंती रावत को दोबारा प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र न मानते हुए अनापत्ति देने से इन्कार किया गया है।


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