हरीश रावत कैंप के विधायक बने रैसलर

देहरादून उत्तराखंड कांग्रेस इन दिनों जुबानी जंग का रिंग बनकर रह गयी है हरीश रावत कैंप के विधायक बने रैसलर इसकी वजह कांग्रेस कांग्रेस में बीते दिनों अनुसाशन के नाम पर कांग्रेसी नेताओं का निष्कासन किये जाने को लेकर कांग्रेस संतुलन नहीं कर पा रही है निकाय चुनाव में हल्द्वानी मेयर सीट हार जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष लगातार कांग्रेस में भितरघात किये जाने को लेकर कहती रही है इसी का परिणाम है अब कांग्रेसी नेताओं को बहार किये जाने के लिए कोशिश तेज की गयी है।

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कांग्रेस से निकाले गए सभी कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कैंप के बताये जा रहे है जिसको लेकर इन दिनों कांग्रेस में विरोध का स्वर तेज हो चला है बताया जा रहा है कांग्रेस में १६ दिसंबर को कांग्रेस भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया है जिसमे कांग्रेस से निकाले गए नेताओं को लेकर आवाज़ बुलंद हो सकती है इसको लेकर कांग्रेस के कुछ विधायक भी काफी नाराज़ बताये जा रहे है खबर के अनुसार कांग्रेस में पिछले दिनों कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने पर इस बार चार बडे़ पदाधिकारियों पर गाज गिराई थी।

पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने नैनीताल के नगर अध्यक्ष मारूति शाह को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था । चमोली जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष संजय रावत, अनुसूचित जाति विभाग के रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष कुंवर लाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री खजान पांडेय को भी छह साल के लिए निष्कासित किया गया था ।

माना जा रहा है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई की जद में आए ज्यादातर पदाधिकारी पूर्व सीएम हरीश रावत के समर्थक हैं।कांग्रेस नगर निकाय चुनाव को लेकर अभी तक करीब सौ छोटे-बडे़ पदाधिकारियों को पार्टी से बाहर का दरवाजा दिखा चुकी है।सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले, हल्द्वानी नगर निगम चुनाव के संबंध में नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह से कुछ नेताओं की शिकायत की थी। हल्द्वानी नगर निगम के मेयर पद पर कांग्रेस ने इंदिरा हृदयेश  के पुत्र सुमित को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह जीत नहीं पाए थे।

देहरादून में आगामी १६ दिसम्बर को आयोजित हो रही बैठक में कांग्रेसी नेताओं को बहार किये जाने का मामला हरीश रावत कैंप के विधायक उठा सकते है इस मामले को लेकर अभी तक निकाले गए कांग्रेस नेताओं को अभी तक किसी तरह का कोई पत्र नहीं दिया गया है माना जा रहा है इस मामले के तूल पकड़ जाने के बाद कांग्रेस अपने कदम पीछे ले सकती है देखना होगा बैठक में कांग्रेस का अगला कदम क्या होता है निकाय चुनाव में कांग्रेस अपनी जीत और हार को लेकर समीक्षा करेगी वही आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी इस बैठक में चर्चा की जा सकती है।

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