शराब कांड आरोपी जमीन निगलि या आसमान यहाँ छुपे होने की सम्भावना

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शराब कांड आरोपी जमीन निगलि या आसमान यहाँ छुपे होने की सम्भावना देहरादून में शराब कांड में अभी तक मुख्य आरोपी की गिरफ़्तारी नहीं होने से नाराज़ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अफसरों को जल्द गिरफ़्तारी किये जाने के साथ साथ उत्तराखंड में ऐसी घटना फिर से होने पर बड़ी कारवाही किये जाने के लिए अफसरों को तैयार रहने को कहा है देहरादून वापिस आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री शराब कांड के बाद काफी नाराज़ नज़र आए मुख्यमंत्री ने अफसरों से साफ कहा शराब कांड का आरोपी जब पहले भी कई तरह के मुकदमे होने के बाद भी आखिर इतने लम्बे समय तक कैसे शराब का कारोबार संचलित कर रहा था इसके लिए पुलिस को उसके खिलाफ बड़ी कारवाही करनी चाहिए।

सवाल ये भी उठ रहा आखिर पुलिस की पकड़ से दूर शराब कांड का आरोपी कैसे पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ है उसकी पकड़ अभी तक पुलिस नहीं कर पाई है ऐसे में उसको जमीन निगल गई या आसमान ये सवाल पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती से कम नहीं आखिर राजनैतिक सरक्षण में कैसे उसका राजनैतिक आका उसको दुलार देता रहा ये भी जांच का विषय बनता है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शराब कांड का मुख्य आरोपी दिल्ली में हो सकता है ऐसी जानकारी पुलिस सूत्रों से मिल रही है हलाकि वो अपनी गिरफ़्तारी से बचने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकता है क्योकि एक राजनेता का सरक्षण उसको मिला हुआ है जिसके कई काले कोट वाले करीबी बताएं जाते है।

देहरादून लौटते ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गृह,आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों को तलब किया उन्होंने अधिकारियों से पथरिया पीर, देहरादून की घटना व इसके बाद की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में जिस व्यक्ति का मुख्य अभियुक्त के तौर पर नाम आ रहा है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वह आदमी चाहे धरती पे हो, आसमान में हो या पाताल में हो, हर हाल में पकङा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी के संरक्षण की बात पाई जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर के बीचों बीच कुछ चल रहा हो और हमारी एजेंसियों को पता न चले, कैसे हो सकता है। घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाए। इसमें जो भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस व आबकारी विभाग अवैध शराब की छापेमारी के अभियान चलाए। इसमें जिन लोगों की भी मिलीभगत हो, उन्हें पकड़ा जाए और सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने महकमें के अधिकारियों से कहा कि अगर अवैध शराब का व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही को और सख्त करने के लिए आबकारी एक्ट में किसी प्रकार के संशोधन की जरूरत हो तो उसका प्रस्ताव तैयार करें। अवैध शराब या नशे के व्यापार को रोकने में आम जनता का भी सहयोग लिया जाए। कहीं से भी इस प्रकार की कोई शिकायत आती है तो उसे पूरी गम्भीरता से लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजी लाॅ एंड आर्डर अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन, सचिव नितेश झा, आईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला, आयुक्त आबकारी सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सी.रविशंकर, एसएसपी अरूण मोहन जोशी मौजूद थे।

आपको बता दे की गौरव से खरीदी गई जाफरान शराब के सेवन से इन लोगों की मौत हुई थी। आरोपी गौरव ने बताया कि वह जाफरान शराब ठेके के अलावा राजू उर्फ राजा नेगी और पूर्व पार्षद भाजपा नेता अजय सोनकर उर्फ घोंचू से खरीदता था। ठेके से 85 रुपये में पव्वा खरीदकर 100 रुपये में बेचता था। राजू उर्फ राजा नेगी 2012 और 2015 में शराब तस्करी में जेल जा चुका है। शराब कांड को लेकर पूर्व पार्षद भाजपा नेता अजय सोनकर उर्फ घोंचू लम्बे समय से शराब का बड़ा सिंडिकेंट चला रहा है उसके राजनैतिक कनेक्शन एक बड़े नेता से बताएं जाते है यही नहीं पूर्व में भी पूर्व पार्षद भाजपा नेता अजय सोनकर उर्फ घोंचू पर शराब के कई मामले दर्ज़ है हालांकि ऐसी भी चर्चा है वो शराब कांड के बाद देहरादून से बहार भूमिगत हो गया है अब देखना होगा क्या पुलिस सोमवार तक उसकी गिरफ़्तारी कर पाने में कामयाब हो पाती है।


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