लॉकडाउन की पाबन्दी से मिलेगी आज़ादी अनलॉक होने जा रहा देश

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लॉकडाउन की पाबन्दी से मिलेगी आज़ादी अनलॉक होने जा रहा देश( LOCKDOWN FREE INDIA JUNE 2021) लॉकडाउन की पाबन्दी जून से खत्म होने जा रही है मतलब साफ है अनलॉक की तरफ देश जाता हुआ नज़र आएगा कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर खत्म होता नज़र आ रहा है ऐसे में राज्यों में लॉकडाउन की पाबंदियों को बाज़ारो से खत्म किये जाने की कसरत भी शुरू हो चुकी है नए मामलो में गिरावट के चलते अब फैसला राज्यों को अपने हालात के हिसाब से लेना है देश भर में बाज़ारो में लॉकडाउन की पाबन्दी को लम्बा समय हो चूका है कारोबारी भी बाज़ारो को बंद किये जाने से नाराज नज़र आने लगे है ऐसे में अब जून महीने से बाज़ारो को राहत देते हुए दुकानों को खोले जाने का प्लान बनाया जा चूका है।

लॉकडाउन की पाबन्दी से मिलेगी आज़ादी अनलॉक होने जा रहा देश

लॉकडाउन की पाबंदियों में शादी वाले दूल्हों के लिए अच्छी खबर देखे जाने को मिल सकती है जून महीने में होने वाली शादियों के लिए कुछ राहत वाली खबर सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है कोविड प्रॉटोकॉल के अनुसार शादी समारोह जैसे आयोजन के लिए सिमित संख्या की पाबन्दी को हटाया जा सकता है पिछले लबे समय से शादी वाले समारोह में सिमित संख्या से शादी का उत्साह फ़ीक नज़र आया था लेकिन अब जून महीने से शादी वाले समारोह में संख्या 50 तक होने एक अनुमान जताया जा रहा है।

उत्तराखंड राज्य भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बाज़ारो में अनलॉक करने की योजना पर काम कर रहा है एक जून तक अभी उत्तराखंड में लॉक डाउन की पाबन्दी बाज़ारो में लगी हुई है जिसको उत्तराखंड सरकार राहत देते हुए बाज़ारो में दुकानों को खोले जाने का नई गाइडलाइन में प्रावधान किया जा सकता है बाजार में कारोबारी भी पिछले लम्बे समय से बाज़ारो के बंद होने से परेशान नज़र आने लगे है।

सरकार के इस कदम से लोगों को राहत भी मिलेगी और इसके साथ ही सख्ती भी रहेगी। हालांकि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश है कि 30 जून तक सख्ती को बरकरार रखें, यदि कहीं पर केस कम हैं तो फिर राज्य सरकार अपनी तरफ से निर्णय ले सकती हैं। केंद्र सरकार के गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस बाबत पत्र भी भेजा है। गृह मंत्रालय की तरफ से हर राज्य के मुख्य सचिव को जारी पत्र में कहा गया है कि जिन जिलों में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या अधिक है, वहां पर गहन एवं स्थानीय स्तर पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं।


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