उत्तराखण्ड पंचायतों में आरक्षण लागू

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उत्तराखण्ड पंचायतों में आरक्षण लागू देहरादून हरिद्वार को छोड़कर बाकी 12 जिलों में 66 हजार से ज्यादा पदों के लिए आरक्षण पर एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप में कार्रवाई को लेकर आरक्षण जारी हुआ है। तीन बार इससे पहले आपदा की वजह से अनंतिम प्रकाशन टल चुका है। हालांकि पंचायत आरक्षण टलने पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस मंगलवार को विरोध प्रदर्शन का बड़ा कार्यक्रम किया है।

पंचायतों में आरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने तस्वीर साफ कर दी है उत्तराखण्ड में पंचायतों के आरक्षण को लेकर लंबे समय से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के अरमान आरक्षण उनके लिए नही होने के चलते वो चुनाव नही लड़ पाएंगे पंचायतों में आरक्षण को लेकर उत्तराखण्ड सरकार पंचायती आरक्षण संसोधन बिल 2019 को विधानसभा से पारित करवा चुकी है  जिसमे दो बच्चो से अधिक वाले उम्मीदवार चुनाव नही लड़ पाएंगे आरक्षण का मामला कोर्ट में होने के कारण अभी तक इस मामले में तस्वीर साफ नही हो सकी है लेकिन आज मंगलवार को पंचायतों में आरक्षण को लेकर अंतिम सूची जारी कर दी गयी
टिहरी ज़िले में पंचायत आरक्षण को लेकर जारी हुई सूची के बाद कई उम्मीदवार चुनाव लड़ने योग्य नही रहे है जबकि कई जिलों में आरक्षण को लेकर उम्मीदवारों में खुशी नज़र आ रही है उत्तराखण्ड में सरकार समय पर पंचायत चुनाव करवाये जाने की तैयारी पूरी कर चुकी है पंचायतों में आरक्षण जारी होने के बाद अब उत्तराखण्ड का निर्वचन आयोग अपना चुनाव कार्यक्रम सरकार को भेजेगा जिसके बाद सरकार चुनाव कार्यक्रम को अपनी सहमति देगी ऐसे में माना जा रहा है उत्तराखण्ड में पंचायत चुनाव अगले महीने सितंबर में हो सकते है अगर कोई कानूनी पेंच नही फसा तो इसी समय मे पंचायत चुनाव राज्य सरकार करवा लेगी

पार्टी का कहना है कि भाजपा के लोगों के लिए जीत का आधार तैयार करने के उद्देश्य से बार-बार प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बीच सरकार 31 नवंबर 19 को डेडलाइन मानकर तेजी से चुनाव के लिए आगे बढ़ रही है। ताजा कार्यक्रम के अनुसार, सरकार आरक्षण प्रक्रिया पूरी करके एक सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोग को इस संबंध में सूचित करेगी। इसके बाद, आयोग के स्तर पर सरकार को चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम भेजा जाएगा। इस पर मुहर लगते ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

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