सांसो की काला बाज़ारी मोदी जी अपने सच कहाँ था आत्मनिर्भर बनिए

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सांसो की काला बाज़ारी मोदी जी अपने सच कहाँ था आत्मनिर्भर बनिए( Rohit Sardana Oxijan Black Market India) कोरोना काल की दूसरी लहर में जिंदगी बचाये जाने की कोशिशों पर विराम लगाए जाने का सिलसिला जारी है अभी तक भारत में करीब 100 पत्रकारों को खो दिया है जागरूक होने के बाद भी उनका दुनिया को अलविदा करना किसी बड़े सदमे से कम नहीं शुक्रवार को अचानक कोरोना काल की दूसरी लहर के बीच हमेशा टी वी स्क्रीन पर देखे जाने वाले पत्रकार रोहित सरदाना की कोरोना काल से मौत हो गई है

भारत में लगातार तेजी से फैला कोरोना काल हर वर्ग के लिए मुसीबत का बड़ा पहाड़ जैसा बनकर आया है ऐसे समय में जब हर वर्ग मायूस नज़र आ रहा है जबकि सरकारों की कोशिशे हर तरह से उम्मीद का दिया जलाने के लिए जुटी हुई है कोरोना काल की दूसरी लहर में इंसान का जो नया चेहरा नज़र आया है उसके इंसनियत के असली सोच को भी समाने लाने का काम कर दिया है कोरोना काल में ऑक्सीजन जो जिंदगी देता है उसकी काला बाज़ारी ने जिंदगी की सांसो को जिस तरह से बेचे जाने का कारनामा कर दिखाया है

हर जगह इंसान जिंदगी की सांसो की काला बाज़ारी करता नज़र आ रहा है ऐसे समय में इंसान को जब का दूसरे के काम आना जरुरी था उस समय वो सांसो की काला बाज़ारी में जुटा हुआ है हर जगह पर अपनों के लिए सांसो की दस्तक अस्पतालों में नज़र आ रही है लेकिन उम्मीद की रोशनी में अपनों को खोने का दर्द अधिक नज़र आ रहा है हकीकत से रूबरू होता मीडिया जगत भी राजनैतिक बातो के भरोसे को टूटता देख रहा है

असली हालात ये बताने के लिए काफी है मुसीबत के समय जब सरकारों की जिम्मेदारी अधिक होती है तब उनसे टूटती उम्मीद की डोर अपनों को खोने का दर्द उम्र भर याद करके रोती नज़र आती है कोरोना काल की दूसरी लहर के वाकई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्म निर्भर बनने की बातो को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है आपको अपनी जिंदगी बचाने के लिए सांसो की काला बाज़ारी के बीच आत्म निर्भर बनने के लिए आगे आना ही होगा


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