उत्तरकाशी आराकोट तबाही ऐसे चल रहा राहत कार्य

उत्तरकाशी आराकोट तबाही ऐसे चल रहा राहत कार्य देहरादून उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में रविवार को कहर बरपाने के बाद अब भी बादल शांत होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी सहित देहरादून, चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल और पौड़ी जिले के लिए अगले 24 घंटे भारी बताए हैं। उत्तरकाशी में करीब 13 गांव आपदा से प्रभावित हुए हैं। सोमवार तक उत्तरकाशी के आराकोट और माकुड़ी से नो लोगों के शव बरामद हो चुके थे। सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर दस हो गई है और छह लोग लापता हैं।

ये भी पढ़े:सरकारी मशीनरी लगाई उत्तरकाशी तबाही

उत्तरकाशी जिले के मोरी आराकोट क्षेत्र में आपदा सचिव अमित नेगी, आईजी संजय गुंजयाल और उत्तरकाशी डीएम आशीष चौहान सोमवार को मौके पर हालात का जायजा लेने पहुंचे। सचिव आपदा अमित नेगी ने निर्देश दिए हैं कि गाड़, गदेरों (बरसाती नालों) में पानी बढ़ने से प्रभावित हुए किराणु, टिकोची, मोलडी में एसडीआरएफ की मदद से वैकल्पिक ब्रिज बनाया जाए। वहीं आराकोट आपदा में घायल सोहन लाल पुत्र रुक लाल उम्र 48 और राधा पत्नी बालदास उम्र 42 को हेलीकॉप्टर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड पर लाया गया। दोनों घायलों को यहां से 108 के माध्यम से दून अस्पताल भेजा गया है।
देहरादून अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड को मरीजों के लिए सभी सुविधाओं से तैयार रखा गया है। सामान्य घायलों को एयरलिफ्ट कर मोरी पीएचसी लाया जा रहा है। आराकोट के लिए हेलीकॉप्टर द्वारा हेलीड्रॉप पैकेट व आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं। इसके साथ ही वहां तीन मेडिकल टीमें भेजी गई हैं। मकोड़ी और दगोली में हेलीपैड बनाया जा चुका है। जहां जल्द ही राहत बचाव टीम के साथ जरूरी सामान भेजा जाएगा। वहीं राहत बचाव कार्य के लिए एयरफोर्स से भी मदद मांगी गई है।

उत्तरकाशी के आराकोट में राहत बचाव कार्य चल रहा है राहत बचाव कार्यो को जायजा लेने के बाद आपदा सचिव अमित नेगी, आईजी संजय गुंज्याल देहरादून वापिस लोट आए ताजा हालात को देखते हुए मोके पर आर्मी की मदद भी ली जा रही है राहत बचाव कार्यो में सरकारी अफसरों के आलावा दूसरी जगह से भी मदद ली जा रही है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत राहत बचाव कार्यो पर लगातार नज़र बनाये हुए है अभी तक सरकारी आकड़ो के हिसाब से कई जगह पर राहत कार्यो को पूरा किया जा चूका है जबकि अधिक नुकसान वाले इलाको में सरकारी मदद के साथ साथ घायलों को एयरलिफ्ट करने के आलावा राहत सामग्री भेजी जा रही है जबकि सुरक्षित जगह पर जाने के लिए सरकारी अफसर जुटे हुए है।
Share on Social Media

Leave a Comment